मरधु बंधु
मरधु बंधु https://youtu.be/gmfm1Fv7x5w आज अतीत के पन्नों से दो ऐसे जुड़वां भाइयों की वीरगाथा लेकर आए हैं, जिन्होंने अपने पराक्रम से बरतानिया हुकूमत को हिलाकर रख दिया था। हम बात कर रहे हैं दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में जन्में स्वतंत्रता सेनानी पेरियार मरुधु और चिन्ना मरुधु, जिन्हें मरुधु पांडियार और मरुधु भाई भी कहा जाता है। इन्होंने आरकोट के नवाब व अंग्रेजों के खिलाफ़ लड़ाई जीती। पेरियार मरुधु और चिन्ना मरुधु, गुरिल्ला युद्ध तकनीक के विशेषज्ञ थे। उन्होंने वल्लारी का आविष्कार किया, एक ऐसा हथियार जिसमें लकड़ी या लोहे के कोण पर दो अंग होते हैं, यह boomerang का एक प्रकार है। इन्होंने इस हथियार का सफलतापूर्वक उपयोग किया। सन 1780 में मरुधु पांडियार ने रानी वैल्यूनचियार को अंग्रेजों के खिलाफ़ लड़ाई जीतने और तमिलनाडु में शिवगंगई राज्य को फिर से हासिल करने में मदद की थी। अंतिम युद्ध की जीत रानी के सेना की महिला विंग कमांडर कुयली द्वारा सुगम की गई थी। इस महिला ने ब्रिटिश गोला बारूद की दुकान में आग की लपटों में खुद को जलाकर अंग्रेजों की गोला बारूद को नष्ट कर दिया। कुय...